यूनिजंक्शन ट्रांसिस्टर (UJT)

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नमस्कार पाठको 

आज हम आपको बता रहे है UJT कॉम्पोनेन्ट के बारे में UJT एक प्रकार का ट्रांजिस्टर ही है। आप ने UJT कॉम्पोनेन्ट ऑसिलेटर या टाइमर सर्किट में लगा हुआ देखा होगा। आज की पोस्ट में हम आपको बता रहे है की UJT कैसे कार्य करता है। 

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यूनिजंक्शन ट्रांसिस्टर (Unijunction Transistor, UJT)

यूनिजंक्शन ट्रांसिस्टर (UJT) जैसा की इस ट्रांसिस्टर के नाम से विदित होता है, इसमे केवल एक P-N संगम होता है। यह सिलिकॉन का बना ट्रांसिस्टर है जिसका N-क्षेत्र आकार में कुछ बड़ा होता है और उसमें से दो टर्मिनल निकाले जाते है । ये दोनों टर्मिनल बेस-1 तथा बेस-2 कहलाते है। P-क्षेत्र एमीटर कहलाता है। बेस-1 तथा बेस-2 के बीच लगभग 500010,000 ओह्मस का रेसिस्टोन्स होता है।

 

यूनिजंक्शन ट्रांसिस्टर (UJT)
यूनिजंक्शन ट्रांसिस्टर (UJT)

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सामान्य सर्किट में बेस-1 को अर्थ कर दिया जाता है और बेस-2 पर पॉजिटिव वोल्टेज दिया जाता है। जब तक एमीटर सर्किट में एमीटर करंट मान शून्य है तब तक N- क्षेत्र एक वोल्टेज डिवाइडर की भाँति कार्य करता है। इस प्रकार संगम पर कुछ पॉजिटिव वोल्टेज विधमान रहता है। यदि एमीटर पर दिये गये पॉजिटिव वोल्टेज का मान बेसक्षेत्र पर विधमान पॉजिटिव वोल्टेज से कम रहेगा तो ट्रांसिस्टर रिवर्स बायस पर रहेगा।

यदि एमीटर वोल्टेज का मान बेसक्षेत्र से अधिक हो जायेगा तो ट्रांसिस्टर फारवर्ड बायस पर आ जायेगा और एमीटर क्षेत्र से होल्स संगम के पार बेस-1 पर पहुँचने प्रारम्भ हो जायेगें । इस प्रकार एमीटर करंट प्रवाह प्रारम्भ हो जायेगा और संगम का प्रभावी रेसिस्टेन्स घट जायेगा। एमीटर करंट व्रद्धि से संगम रेसिस्टेन्स घटेगा और इससे एमीटर वोल्टेज भी घटेगा, अतः ट्रांसिस्टर नेगेटिव रेसिस्टेन्स विशेषता प्रदर्शित करेगा।

इस प्रकार के ट्रांसिस्टर का उपयोग निम्न फ्रीक्वेन्सी ऑक्सीलेटर्स तथा टाइमर सर्किट्स में किया जाता है।

 
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