विधुत करंट की किस्मे

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विधुत करंट की किस्मे

 

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विभिन्न पदार्थो में से करंट का प्रवाह निम्न प्रकार से हो सकता है।

1 – चालन करंट

धात्विक चाल कों में से बहने वाली करंट, चालक होती है। वे धातुएँ जिनके परमाणुओ की अंतिम कक्षा में केवल एक यादो इलैक्टोन होते है। उनमे ये इलैक्टोन लगभग मुक्त अवस्था में रहते है।यदि चालक पर थोड़ा सा विधुत वाहक बल लगा दिया जाये तोये मुक्त इलैक्ट्रोन्स एक परमाणु से दूसरे में जाते हुए चालक के एक सिरे से दूसरे सिरे तक पहुँच जाते है।यही चालक करंटहै। 

2 – स्थानान्तर करंट

इस प्रकार का करंट प्रवाह अचालको में होता है अचालको मेंन तो मुक्त इलैक्ट्रोन होते है और नही उनमे चालक करंट प्रवाह  सम्भवहै परन्तु उनमे विधुत वाहक बल लगाने पर उनके परमाणुओं कीअंतिम कक्षा के इलेक्ट्रोन्स पॉजिटिव सिरे की और जाने का प्रयास करते है इस प्रयास में परमाणु में इलैक्ट्रोन्स का झुकाव पॉजिटिव सिरे की और हो जाता है। अब यदि विधुत वाहक बल की दिशा बदल दी जाए तो इलैक्ट्रोन्स भी परमाणु में अपनी स्थिति में परिवर्तन करते है अर्थात उनके झुकाव दिशा बदलती की  है। यही स्थानान्तरीय  करंट है। कैपेसिटर में इसी प्रकार का करंट प्रवाह होता है।

3 –संवहन करंट

इस प्रकार की करंट का प्रवाह इलैक्ट्रोन्स या पॉजिटिव और निगेटिव आयन्सका द्रव, गैस या निर्वात में से प्रवाह के कारण होता है।इसमें चार्ज कैरियर  एक सिरे से दूसरे सिरे तक चार्ज लेकर स्वयं गति करते है।  रासायनिक सैल ,स्पार्क गैस आदि में इसी  प्रकार का करंट प्रवाह होता है।
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