चुम्बकों की किस्मे

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स्थायी चुम्बक

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नमस्कार पाठको _/ \_पाठको आज की पोस्ट में हम आपको बता रहे है की चुम्बक कितने प्रकार की होती है | चुम्बकों की किस्मे स्थाई और अस्थाई चुम्बक क्या है और ये कैसे कार्य करती है। प्राक्रतिक चुम्बक एव अप्राक्रतिक चुम्बक किसे कहते है। चुम्बकों की किस्मे जानने से पहले चुम्बक किसे कहते है ? यह जानना बहुत जरुरी है। 

 

चुम्बकों की किस्मे (Types of Magnets) – चुम्बकों को निम्न दो मुख्य वर्गो में रखा जा सकता है।

  •  प्राक्रतिक चुम्बक (Natural magnet)
  • अप्राक्रतिक चुम्बक (Artificial magnet)
1- प्राकर्तिक चुम्बक प्रक्रति में पाया जाने वाला मैग्नेटाइट पत्थर प्राक्रतिक चुम्बक कहलाता है इसका आकार बेडौल होता है और इसकी चुम्बकीय क्षेत्र तीव्रता भी काफी कम होती है अब इनका उपयोग नही किया जाता है
 
2- क्रत्रिम चुम्बक लोहा चुम्बकीय धातुओ व लोहे की मिश्र धातुओ (alloys) से बनाये गये चुम्बक क्रत्रिम चुम्बक कहलाते है। ये दो प्रकार के होते है।
1- स्थायी (Permanent) स्थायी चुम्बक वे है जिनका चुम्बकत्व अनेक वर्षों तक बना रहता है।ये फौलाद (Steel) अथवा मिश्र चुम्बकीय धातुओ से बनाये जाते है।  मिश्र चुम्बकीय धातु एल्युमिनियम , निकिललोहा, ताम्बा तथा कोबाल्ट से (8 : 14 : 51 : 3 : 24 के अनुपात में मिलाकर ) बनाई जाती है यह एलनिको
चुम्बकों की किस्मे
स्थायी चुम्बक
(Alnico) या एल्कोनैक्स (Alconex) कहलाती है प्रारम्भ में लौह छड़ पर चुम्बक की घर्षण क्रिया से चुम्बक बनाये जाते थे परन्तु आजकल शक्तिशाली करंट वाही क्वायल के मध्य फौलाद अथवा मिश्र चुम्बकीय धातुओ की छड़ को कुछ समय तक रखा जाता है और वह चुम्बक बन जाती है स्थायी चुम्बक छड़ आकार बेलनाकार अथवा घोड़े की नल के आकार के होते है। 
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2- अस्थायी (Temporary)नर्म लोहे से बनाये गये विधुतचुम्बक अस्थायी चुम्बक कहलाते है। ये आवश्यकतानुसार अनेक आकार के बनाये जाते है । अस्थायी चुम्बक का अस्तित्व तभी तक रहता है जब तक कि उसकी क्वायल में से करंट बहती रहती है।
चुम्बकों की किस्मे
अस्थायी चुम्बक
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